शादी का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें, और पंडित अलग-अलग तारीखें क्यों बताते हैं
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आपका विवाह मुहूर्त एक ऐसी तारीख हो जिस पर दोनों परिवार भरोसा करें, जो आप दोनों की कुंडली और शादी के शहर के लिए सही हो, और जो वेन्यू बुक करने से पहले तय हो जाए। Tarini दोनों के जन्म विवरण से इसे निकालता है, सबसे बलवान लग्न चुनता है, और कुछ ही घंटों में आपको देता है।
अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026
वेन्यू वाले इसी हफ़्ते जवाब चाहते हैं। वधू पक्ष के पंडितजी एक तारीख बताते हैं, वर पक्ष के पंडितजी दूसरी।
देर की तो शादी का वेन्यू किसी और का हो जाएगा। जल्दबाज़ी की तो हो सकता है विवाह ऐसी तारीख पर शुरू हो जो आप दोनों के लिए कभी सही थी ही नहीं।
जन्म विवरण और शहर से शादी का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें
आपका शुभ विवाह मुहूर्त वह तारीख है जो विवाह के अनुकूल हो, आप दोनों की कुंडली के अनुकूल हो, और शादी के शहर में जिसका लग्न शुद्ध हो। Tarini आपकी अवधि की हर तारीख पर ये तीनों जाँचता है।
जो तारीख सबके लिए शुभ है, वह भी आप दोनों के लिए गलत हो सकती है।
1. दिन विवाह के अनुकूल हो
तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण सभी विवाह के अनुकूल हों, और महीना विवाह के लिए खुला हो। वार सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार हो। दिन विवाह को हानि पहुँचाने वाले बाणों (रोग, राज और मृत्यु) से भी मुक्त हो।
शुक्र और गुरु अस्त न हों (शुक्र अस्त, गुरु अस्त)। यहाँ जो तारीख कट गई, वह बाकी कितनी भी अच्छी हो, बाहर है।
2. दिन आप दोनों के अनुकूल हो
जिस पंचांग में आपके चचेरे भाई की शादी हुई, वह आप दोनों के लिए गलत हो सकता है। Tarini उसे वर और वधू की कुंडली से जाँचता है:
- तारा बल: दिन का नक्षत्र, हर जन्म नक्षत्र से गिनकर
- चंद्र बल: हर चंद्र राशि से चंद्रमा की स्थिति
- ग्रह शुद्धि: हर चंद्र राशि से गुरु, सूर्य और चंद्रमा
इसलिए आपको जो तारीख मिलती है, वह आपके विवाह के लिए शुभ होती है।
3. समय आपकी शादी के शहर के अनुकूल हो
लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है, और यह इस पर निर्भर है कि शादी कहाँ हो रही है। दिल्ली में रात 8 बजे जो लग्न उदय हो रहा है, उस पल लंदन में दूसरा लग्न होता है।
इसलिए लंदन की शादी को लंदन का मुहूर्त मिलता है, उसकी अपनी स्थानीय तारीख पर, दिल्ली का समय उठाकर नहीं।
विवाह की तारीख के लिए क्या-क्या देखा जाता है
| क्या देखा जाता है | शास्त्र क्या माँगते हैं |
|---|---|
| सूर्य का मास | सूर्य मेष, वृषभ, मिथुन, वृश्चिक, मकर या कुंभ में। आषाढ़ का सिर्फ़ पहला भाग खुला है, और उस पर ग्रंथों में मतभेद है। |
| वर्जित अवधि | अधिक मास, खरमास (सूर्य धनु या मीन में), पितृ पक्ष, उत्तर भारत में होलाष्टक, गुरु या शुक्र अस्त और उसके आगे-पीछे के कुछ दिन, और जहाँ माना जाता है वहाँ गुरु सिंहस्थ (गुरु सिंह में), जो सूर्य के मेष में होने पर हट जाता है। |
| ग्रहण | ग्रहण से पहले के तीन दिन टाले जाते हैं। |
| तिथि | रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी), अमावस्या और महीने की शून्य तिथियाँ टाली जाती हैं। |
| वार | सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार। |
| नक्षत्र | रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद या रेवती। महीने के शून्य नक्षत्र, क्रूर नक्षत्रों की आरंभिक घटियाँ और हर नक्षत्र की विषघटी टाली जाती हैं। |
| योग और करण | व्यतीपात, वैधृति और विष्टि (भद्रा) करण टाले जाते हैं, और विष्टि, शकुनि, चतुष्पद या नाग करण में पड़ने वाली संक्रांति भी। |
| वार के संयोग | दग्ध, विष, हुताशन, क्रकच, यमघंट, मृत्यु, उत्पात, काण, संवर्तक और मधु-सर्पि योग टाले जाते हैं, और गुरु पुष्य (गुरुवार-पुष्य का अमृत या सर्वार्थ सिद्धि योग) भी। |
| नक्षत्र और तिथि के जोड़े | शास्त्र जिन जोड़ों को दोष कहते हैं, जैसे पंचमी पर मघा या सप्तमी पर मूल, वे टाले जाते हैं। |
| पंचशलाका चक्र | दिन के नक्षत्र पर वेध नहीं: पंचशलाका चक्र की रेखाओं पर कोई पाप ग्रह उसे वेधे नहीं। |
| सर्वतोभद्र चक्र | इसके दस दशा-योगों में से कोई नहीं: वायु, मेघ, अग्नि, राजदंड, चोरी, मृत्यु, रोग, वज्रपात, कलह और हानि। |
| मुहूर्त | हर वार के वर्जित मुहूर्त (जैसे बुधवार को अभिजित) और कुलिक मुहूर्त टाले जाते हैं। |
| लग्न | बलवान लग्न, उसमें कोई पाप ग्रह नहीं, दोनों ओर पाप ग्रह नहीं (पाप कर्तरी), 5वें में नीच का पाप ग्रह नहीं, और पाप लग्न से 7वें मंगल नहीं। |
| बाण | रोग, राज और मृत्यु बाण वाला लग्न छोड़ दिया जाता है। अग्नि, चोर और सशल्य बाण संभव हो तो टाले जाते हैं। |
| विवाह के समय चंद्रमा | लग्न से 6ठे या 8वें में नहीं, लग्न में हो तो 7वें में मंगल नहीं, पाप ग्रह की दृष्टि नहीं, मंगल या दो पाप ग्रहों के साथ नहीं, पाप ग्रहों से घिरा नहीं, उससे 7वें पाप ग्रह नहीं, और शुभ अवस्था में। गुरु के साथ चंद्रमा सबसे शुभ, बुध के साथ शुभ; सूर्य, शुक्र या शनि के साथ टाला जाता है। |
| वर और वधू का तारा बल | हर जन्म नक्षत्र से गिनकर विपत्, प्रत्यरि और वध तारा टाली जाती हैं। |
| वर और वधू की ग्रह शुद्धि | हर चंद्र राशि से चंद्रमा 1ले, 3रे, 6ठे, 7वें, 10वें या 11वें में, गुरु 2रे, 5वें, 7वें, 9वें या 11वें में, और सूर्य 3रे, 6ठे, 10वें या 11वें में, और हर ग्रह का गोचर वेध के साथ। मंगलवार या शनिवार को जन्म नक्षत्र टाला जाता है। |
पंडित और वेबसाइटें अलग-अलग तारीखें क्यों बताते हैं
पंडित और वेबसाइटें तब अलग विवाह तिथि बताते हैं जब वे अलग शहर के लिए गणना करें, अलग माह-पद्धति मानें, आपकी कुंडली की जगह आम सूची दें, या अलग शास्त्रीय ग्रंथ का पालन करें।
दो अलग तारीखें अक्सर दो अलग सवालों से आती हैं:
| कारण | क्या बदलता है |
|---|---|
| अलग शहर | सूर्योदय, तिथि का समय और लग्न |
| अलग माह-पद्धति | अमांत (अमावस्या पर महीना पूरा) या पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर महीना पूरा) |
| सबके लिए सूची बनाम आपकी सूची | आम सूची में दोनों की कुंडली नहीं देखी जाती |
| अलग शास्त्रीय ग्रंथ | ग्रंथ कुछ बातों को अलग महत्व देते हैं |
मायने उसी तारीख के हैं जो आपके शहर और आप दोनों की कुंडली के लिए निकाली गई हो।
नियम तय हैं, इसलिए सुविधा से चुनी गई तारीख जोखिम भरी है। हर अनुशंसित तारीख विवाह मुहूर्त 2026 और विवाह मुहूर्त 2027 पेज पर देखें।
आप दोनों परिवारों को अपनी तारीख के पीछे का श्लोक दिखा सकते हैं। शास्त्रीय ग्रंथ विवाह के नक्षत्र इस श्लोक में बताते हैं:
निर्वेधैः शशिकरमूलमैत्रपित्र्यब्राह्मान्त्योत्तरपवनैः शुभो विवाहः । रिक्तामारहिततिथौ शुभेऽह्नि … "वेध रहित मृगशिरा, हस्त, मूल, अनुराधा, मघा, रोहिणी, रेवती, तीनों उत्तरा और स्वाति नक्षत्र में; रिक्ता और अमावस्या को छोड़कर अन्य तिथि में; शुभ दिन में विवाह शुभ है।" (Muhurta Chintamani 6.55)
जहाँ ग्रंथों में मतभेद है, वहाँ Tarini दोनों को तौलता है और दोनों को उद्धृत करता है। जहाँ ग्रंथ टकराते हैं, Tarini उसका समायोजन करता है, ताकि आपको भरोसा रहे कि आपको सबसे शुभ मुहूर्त ही बताया गया है।
सब कुछ पारदर्शी है। जब एक ही वार और तिथि से एक शुभ योग भी बने और एक त्याज्य योग भी, तो Tarini दोनों दिखाता है और दोनों को तौलता है।
जब शुभ तारीखें वेन्यू या परिवार के साथ मेल न खाएँ
कुछ गिनी-चुनी तारीखें हमेशा वेन्यू की खाली तारीखों से मेल खाएँ, यह ज़रूरी नहीं। जब उनमें से कोई भी हॉल, मेहमानों या सबकी छुट्टियों के साथ न बैठे, तो फिर से इंतज़ार।
Tarini आपको उस अवधि की हर शुभ तारीख और समय देता है। इसे वेन्यू की खाली तारीखों के साथ रखिए, और उसी दिन बुकिंग कर लीजिए।
तारीख जितनी ज़रूरी है, उतनी ही रफ़्तार भी। Tarini कुछ ही घंटों में आपका मुहूर्त देता है, ताकि जो तारीख आप चाहते हैं वह खाली रहते-रहते बुकिंग, कार्ड और तैयारियाँ आगे बढ़ें।
हर रस्म का मुहूर्त एक साथ तय करें। संपूर्ण विवाह मुहूर्त सेट चारों मुहूर्त एक साथ देता है, दोबारा इंतज़ार नहीं:
- सगाई: वाग्दान
- विवाह: फेरे
- वधू प्रवेश: नए घर में बहू का पहला प्रवेश
- पग फेरा: बहू का पहली बार मायके जाना
पंडितजी, ज्योतिषी या ऑनलाइन मुहूर्त: किस पर भरोसा करें?
हमारी सलाह: अभी विवाह करें या नहीं, यह ज्योतिषी से पूछें; कब करें, यह Tarini से। दोनों दो अलग सवालों का जवाब देते हैं, एक के बाद एक।
पहले: क्या हम विवाह करें, और क्या यह सही समय है? ज्योतिषी से पूछें
विवाह करना चाहिए या नहीं, आपकी कुंडलियाँ मेल खाती हैं या नहीं, और वर्तमान दशा में विवाह उचित है या नहीं, इस सलाह के लिए ज्योतिषी से परामर्श करें। आपकी कुंडली, दशा और योग देखकर वे बता सकते हैं कि जीवन का कौन-सा समय आपके विवाह के लिए अनुकूल है।
फिर: किस तारीख और किस समय? Tarini से पूछें
सही मुहूर्त के लिए, यानी किस तारीख और किस समय विवाह करें, Tarini से परामर्श करें। शादी की तारीख और समय के लिए Tarini आपको देता है:
- हर संभव तारीख और समय, पूरी अवधि का
- कुछ ही घंटों में, वेन्यू हाथ से निकलने से पहले
- दोनों की कुंडली से हर तारीख की जाँच
- अवधि का हर लग्न तौला गया, 48 मिनट के मुहूर्त तक
अगर हमारे परिवार के पास विद्वान पंडितजी हैं?
अगर आपके परिवार के पास कोई बहुत विद्वान पंडितजी हैं, तो उन पर भरोसा करें। भारत में ज्योतिष के बहुत से विद्वान हैं, और राज ज्योतिष की परंपरा में प्रशिक्षित कुल भी।
Tarini हर परिवार तक देश के सबसे विद्वान पंडितों के बराबर स्तर का मुहूर्त-चयन पहुँचाता है।
क्या ऑनलाइन मुहूर्त पर भरोसा किया जा सकता है?
Tarini पर भरोसा किया जा सकता है। Tarini अकेला प्लेटफ़ॉर्म है जो शास्त्रों के आधार पर मुहूर्त बताता है और हर अनुशंसा के पीछे का श्लोक उद्धृत करता है, ताकि आपको सिर्फ़ तारीख नहीं, उसका कारण भी दिखे।
दूसरी मुहूर्त और पंचांग वेबसाइटों से Tarini की तुलना देखें: 2027 के 7 सबसे अच्छे मुहूर्त और पंचांग ऐप।
दो अच्छी तारीखें: सबसे बलवान कैसे चुनी जाती है
दो अच्छी तारीखें? Tarini बताता है कि कौन-सी ज़्यादा बलवान है। Tarini उन्हें बल के हिसाब से इस क्रम में आँकता है:
- हर वर्जित तारीख हटाएँ (शुक्र या गुरु अस्त, बंद महीने, त्याज्य दिन)।
- विवाह के लिए शास्त्र-सम्मत पंचांग रखें: तिथि, नक्षत्र, वार और योग।
- उन तारीखों में विवाह के लिए शास्त्र-सम्मत लग्न चुनें।
- हर लग्न की जाँच करें: लग्न शुद्धि, चंद्र बल, और दोनों की जन्म कुंडली के सापेक्ष ग्रह।
- लग्न का बल तौलें: लग्नेश, लग्न या शुक्र पर पाप ग्रहों का प्रभाव, और शास्त्रों की हर अन्य शर्त।
- शुद्ध लग्न में 48 मिनट का मुहूर्त निकालें, और सबसे अच्छी तारीख और समय की अनुशंसा करें।
नतीजा? आपके 3 सबसे अच्छे विवाह मुहूर्त, क्रम से, सही समय के साथ, और यह भी कि पहला क्यों पहला है। वेन्यू की तारीखों से मिलाइए और भरोसे के साथ चुनिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हमारे जन्म विवरण और शादी के शहर से सही विवाह मुहूर्त कैसे निकालें?
सही विवाह मुहूर्त वह तारीख है जो पंचांग के नियमों पर खरी उतरे, वर-वधू दोनों की कुंडली के अनुकूल हो, और शादी के शहर में उसका लग्न शुद्ध हो। Tarini आपकी अवधि की हर तारीख पर ये तीनों जाँच करता है और सही समय के साथ 3 सबसे अच्छे मुहूर्त बताता है।
अलग-अलग पंडित और वेबसाइटें अलग विवाह तिथि क्यों बताते हैं?
अलग विवाह तिथि अलग शहर, अलग माह-पद्धति (अमांत या पूर्णिमांत), आपकी कुंडली के बजाय आम सूची, या अलग शास्त्रीय ग्रंथ से आती है। जहाँ ग्रंथों में मतभेद है, Tarini दोनों को उद्धृत करता है।
क्या ऑनलाइन मुहूर्त कैलकुलेटर पंडितजी की जगह ले सकता है?
संस्कार के लिए अपने पंडितजी पर भरोसा करें, और मुहूर्त के लिए Tarini लें। Tarini अकेला प्लेटफ़ॉर्म है जो शास्त्रों के आधार पर अनुशंसा करता है और हर तारीख के पीछे का श्लोक बताता है। वर्तमान दशा में विवाह करें या नहीं, यह ज्योतिषी से पूछें।
क्या अमेरिका, यूके या विदेश में होने वाली शादी के लिए विवाह मुहूर्त मिल सकता है?
हाँ, Tarini दुनिया के किसी भी शहर के लिए विवाह मुहूर्त निकालता है, अमेरिका, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों सहित, उसी शहर की स्थानीय तारीख और लग्न पर। लंदन या दुबई की शादी को लंदन या दुबई का मुहूर्त मिलता है।
कुछ महीनों में शादी की कोई तारीख क्यों नहीं होती?
कुछ महीनों में शास्त्र विवाह की अनुमति नहीं देते, और कुछ में कोई दिन नियमों पर खरा नहीं उतरता।
हमें विवाह मुहूर्त कितनी जल्दी मिल सकता है?
Tarini कुछ ही घंटों में आपका विवाह मुहूर्त देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कोई और बुक करे उससे पहले आप वेन्यू पक्का कर सकें।
क्या सगाई का अलग मुहूर्त होता है?
हाँ, सगाई एक अलग रस्म है और उसका अपना मुहूर्त होता है। Tarini का सगाई मुहूर्त इसे निकालता है, और संपूर्ण विवाह सेट में यह शामिल है।
आपके अगले तीन कदम
- दोनों का जन्म विवरण और शादी का शहर Tarini को बताएँ।
- कुछ ही घंटों में हर शुभ तारीख और 3 सबसे अच्छे मुहूर्त पाएँ।
- वेन्यू बुक करें, उस तारीख पर जो दोनों परिवारों के अनुकूल हो।
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