गाड़ी लेने का शुभ मुहूर्त: नई कार या बाइक की डिलीवरी का शुभ नक्षत्र, दिन और समय

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गाड़ी की डिलीवरी का मुहूर्त शास्त्रों में वाहन के लिए बताए गए नक्षत्रों और खरीदार की कुंडली के अनुसार निर्धारित होता है। शुभ मुहूर्त चुनते समय डिलीवरी के समय का नक्षत्र, तिथि, वार और लग्न देखा जाता है। Tarini आपके शहर और कुंडली के लिए गाड़ी की डिलीवरी का मुहूर्त चुनने में आपकी मदद करता है। अंतिम अपडेट: 21 अक्टूबर 2026

गाड़ी की डिलीवरी के नक्षत्र हस्त, अश्विनी, पुष्य, रेवती, धनिष्ठा, मृगशिरा, स्वाति, शतभिषा और पुनर्वसु हैं, जिन्हें शास्त्र वाहन के लिए बताते हैं।

गाड़ी की डिलीवरी के लिए मुहूर्त क्यों चुनें?

सनातन धर्म में नया वाहन घर लाना एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। डिलीवरी वह क्षण है जब वाहन आपका होता है, इसलिए शुभ मुहूर्त उसी क्षण के लिए चुना जाता है। शास्त्र वाहन के लिए मुहूर्त इसलिए बताते हैं कि वाहन आपकी अच्छी सेवा करे। कार या बाइक आपके अपनों को रोज़ के सफ़र में और घर की लंबी यात्रा में ले जाती है। आप चाहते हैं कि वह सबको सुरक्षित रखे, भरोसेमंद रहे और वर्कशॉप से दूर रहे। शास्त्र यह मुहूर्त इसलिए बताते हैं कि वाहन आपके साथ अपना जीवन बिना बाधा के शुरू करे, सुख और कल्याण की मंगल कामना के साथ।

गाड़ी की डिलीवरी के मुहूर्त की मुख्य बातें

  • मुहूर्त डिलीवरी लेने के लिए है। वाहन खरीद (वाहन क्रय) का मुहूर्त ही डिलीवरी का मुहूर्त है। बुकिंग और भुगतान किसी भी दिन किए जा सकते हैं।
  • खरीदार की कुंडली मायने रखती है। जो तारीख वाहन के लिए शुभ है, उसे खरीदार की जन्म राशि और कुंडली के अनुकूल भी होना चाहिए।
  • मुहूर्त मायने रखता है। केवल शुभ तारीख से डिलीवरी का समय तय नहीं होता। मुहूर्त का समय आपके शहर के पंचांग और स्थानीय समय से निकलता है।

गाड़ी की डिलीवरी का मुहूर्त कैसे चुना जाता है?

गाड़ी की डिलीवरी का मुहूर्त पाँच चरणों में चुना जाता है: शास्त्र वाहन के लिए कौन-से नक्षत्र बताते हैं, कौन-से दिन वर्जित करते हैं, आपकी कुंडली से क्या जाँचा जाता है, दिन के विशेष योग, और डिलीवरी के समय का लग्न।

1. गाड़ी खरीदने के लिए कौन-सा नक्षत्र शुभ है?

वाहन के नक्षत्र। शास्त्र वाहन के लिए क्षिप्र नक्षत्र (हस्त, अश्विनी और पुष्य), रेवती, धनिष्ठा, मृगशिरा, स्वाति, शतभिषा और पुनर्वसु बताते हैं।

क्षिप्रान्त्यवस्विन्दुमरुज्जलेशादित्येष्वरिक्तारदिने प्रशस्तम् । स्याद्वाजिकृत्यं … "क्षिप्र नक्षत्रों, रेवती, धनिष्ठा, मृगशिरा, स्वाति, शतभिषा और पुनर्वसु में, ऐसे दिन जो न रिक्ता तिथि हो और न मंगलवार, घोड़ों (वाहनों) से जुड़े कार्य प्रशस्त हैं …" (Muhurta Chintamani)

खरीद के नक्षत्र। डिलीवरी लेना खरीद का कार्य भी है, और शास्त्र रेवती, शतभिषा, अश्विनी, स्वाति, श्रवण और चित्रा को खरीद के लिए शुभ बताते हैं:

क्रयर्क्षे विक्रयो नेष्टो विक्रयर्क्षे क्रयोऽपि न । पौष्णाम्बुपाश्विनीवातश्रवश्चित्राः क्रये शुभाः ॥१६॥ "खरीद के नक्षत्र में बिक्री नहीं की जाती, और बिक्री के नक्षत्र में खरीद नहीं। रेवती, शतभिषा, अश्विनी, स्वाति, श्रवण और चित्रा खरीद के लिए शुभ हैं।" (Muhurta Chintamani 2.16)

2. किन दिनों में गाड़ी की डिलीवरी नहीं लेनी चाहिए?

वाहन के लिए मंगलवार और रिक्ता तिथियाँ छोड़ी जाती हैं। ऊपर का श्लोक वाहन को केवल ऐसे दिन प्रशस्त बताता है जो न रिक्ता तिथि (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) हो और न मंगलवार।

व्यतीपात, भद्रा (विष्टि करण) और वैधृति हर शुभ कार्य के लिए वर्जित हैं, गाड़ी की डिलीवरी के लिए भी:

जन्मर्क्षमासतिथयो व्यतिपातभद्रा- वैधृत्यमापितृदिनानि तिथिक्षयर्द्धी । न्यूनाधिमासकुलिकप्रहरार्धपाता- विष्कंभवज्रघटिकात्रयमेव वर्ज्यम् ॥ ३४ ॥ "जन्म नक्षत्र, जन्म मास और जन्म तिथि; व्यतीपात; भद्रा [करण]; वैधृति [योग]; माता-पिता की मृत्यु के दिन; क्षय तिथि; वृद्धि तिथि; क्षय मास; अधिक मास; कुलिक, अर्धयाम और पात: ये [हर शुभ कार्य में] त्याज्य हैं।" (Muhurta Chintamani 1.34)

हर मास की शून्य तिथियाँ और शून्य नक्षत्र भी छोड़े जाते हैं, क्योंकि शास्त्र कहते हैं कि इनमें किया गया शुभ कार्य धन के विरुद्ध जाता है।

राहु काल भी छोड़ा जाता है। डिलीवरी राहु काल में नहीं ली जाती, जो हर दिन और हर शहर में अलग समय पर पड़ता है। देखें राहु काल की गणना कैसे होती है।

3. खरीदार की कुंडली डिलीवरी मुहूर्त को कैसे प्रभावित करती है?

चुना गया शुभ मुहूर्त खरीदार के अनुकूल होना चाहिए। मुहूर्त बताने से पहले तारा बल (दिन का नक्षत्र, खरीदार के जन्म नक्षत्र से गिनकर) और चंद्र बल (चंद्रमा, खरीदार की जन्म राशि से गिनकर) देखे जाते हैं।

4. कौन-से योग गाड़ी खरीदने के लिए शुभ हैं?

दिन के विशेष योग मुहूर्त को बल देते हैं या दिन को अलग करते हैं। सर्वार्थ सिद्धि, अमृत, सिद्ध और सिद्धि योग डिलीवरी के अनुकूल हैं। दग्ध, विष, हुताशन, क्रकच, मृत्यु और उत्पात योग दिन को अलग करते हैं।

सूर्ये ऽर्कम्लोत्तरपुष्यदासरं चन्द्र श्रुतिब्राह्मशशीज्यमैत्रम् … सर्वार्थसिद्ध्यै कथितानिपूर्वैः "सर्वार्थ सिद्धि योग: रविवार को हस्त, मूल, तीनों उत्तरा, पुष्य और अश्विनी; सोमवार को श्रवण, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य और अनुराधा; … पूर्वाचार्यों ने इन्हें सर्वार्थ सिद्धि (हर कार्य में सफलता) के लिए बताया है।" (Muhurta Chintamani 1.28)

5. गाड़ी की डिलीवरी का सबसे शुभ समय कौन-सा है? (लग्न और बाण)

डिलीवरी के समय का लग्न बलवान और शुद्ध होना चाहिए। Tarini मुहूर्त के भीतर सबसे बलवान, दोषरहित लग्न चुनता है। रोग, अग्नि, राज, चोर और मृत्यु, इन पाँच बाणों में से किसी से दूषित लग्न छोड़ दिए जाते हैं, और वह लग्न भी जिसमें क्षीण चंद्रमा या पाप ग्रह हों:

सर्वस्मिन्विधुपापयुक्तनुलवावर्धे … "हर शुभ कार्य में: क्षीण चंद्रमा और पाप ग्रहों से युक्त लग्न या नवांश … त्याज्य हैं।" (Muhurta Chintamani 1.31)

क्या गाड़ी की डिलीवरी का स्लॉट मुहूर्त के अनुसार बुक करें?

बिल्कुल! अपने वाहन की डिलीवरी शुभ मुहूर्त में ही लें। पहले अपना मुहूर्त लें, फिर डीलर से उसी के भीतर डिलीवरी का स्लॉट माँगें। अगर डीलर केवल कुछ तय दिन देता है, तो उनमें से वह दिन और समय चुनें जिसमें शुभ मुहूर्त हो।

अगर गाड़ी की डिलीवरी किसी दूसरे दिन लेनी हो तो?

अगर आपको किसी खास दिन ही गाड़ी की डिलीवरी लेनी है, तो उस दिन वाहन खरीद के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों से जुड़े मुहूर्त में डिलीवरी लें। Tarini की रिपोर्ट आपको हर दिन के उपयुक्त मुहूर्त बताती है।

क्या गाड़ी के रजिस्ट्रेशन का भी शुभ समय होता है?

हाँ। अगर आप रजिस्ट्रेशन के कागज़ जमा करने अलग से जाते हैं, तो शुभ दिन जाएँ। विष्टि करण (भद्रा), व्यतीपात, वैधृति और राहु काल से बचें, और हो सके तो अमृत, लाभ या शुभ चौघड़िया में जाएँ। अपने शहर के लिए यह आज के पंचांग पर देखें।

क्या धनतेरस या गुरु पुष्य पर गाड़ी लेना काफ़ी है?

निर्भर करता है। धनतेरस और गुरु पुष्य खरीद के शुभ दिन हैं, और इन दिनों डीलर सबसे व्यस्त रहते हैं। त्योहार का दिन अच्छी शुरुआत है, पर डिलीवरी का मुहूर्त फिर भी वर्जित दिनों, राहु काल, आपकी कुंडली और डिलीवरी के समय के लग्न की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए। पुष्य क्षिप्र नक्षत्र है, जो वाहन के लिए बताया गया है। फिर भी, गुरुवार को नवमी के साथ पड़ने वाले पुष्य को शास्त्र त्याज्य बताते हैं (Muhurta Chintamani 1.22)। पुष्य नक्षत्र और गुरु पुष्य की तारीखों के बारे में और पढ़ें।

अबूझ मुहूर्त शुभ हैं, पर फिर भी मुहूर्त निकलवाएँ। अक्षय तृतीया, विजयादशमी और गुड़ी पड़वा अबूझ (स्वयंसिद्ध) दिन हैं। अबूझ दिन पर भी:

  • लग्न लगभग हर दो घंटे बदलता है। डिलीवरी के लिए केवल बलवान, शुद्ध और बाण-रहित लग्न उपयुक्त है। उदाहरण के लिए, चोर बाण (चोरी का भय), राज बाण (अधिकारियों से परेशानी), अग्नि बाण (आग का भय) या मृत्यु बाण (मृत्यु जैसी कठिनाइयाँ) में डिलीवरी नहीं ली जाती।
  • दिन खरीदार की कुंडली के अनुकूल होना चाहिए। तारा बल और चंद्र बल व्यक्तिगत हैं, इसलिए अबूझ दिन भी आपके लिए अपेक्षाकृत कमज़ोर हो सकता है।
  • अबूझ दिन पर भी राहु काल आता है। उसमें डिलीवरी नहीं ली जाती।
  • समय आपके शहर के होते हैं। लग्न और राहु काल आपके शहर के सूर्योदय से तय होते हैं।

गाड़ी खरीदने का शुभ मुहूर्त 2026 और 2027: क्या वार्षिक सूची से तारीख चुन सकते हैं?

हाँ, 2026 और 2027 की मुफ़्त वार्षिक वाहन खरीद मुहूर्त सूची शुभ तारीखें पहचानने की शुरुआत हो सकती है। पर जो मुहूर्त वाहन के लिए सामान्य रूप से शुभ है, वह आपके लिए शुभ न भी हो। अपने नए वाहन के लिए शुभ ऊर्जा पाने के लिए अपना व्यक्तिगत डिलीवरी मुहूर्त लें।