राहु काल की गणना कैसे होती है? आज का समय, वार की तालिका और इसमें क्या न करें
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राहु काल दिन का वह आठवाँ भाग है, सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच लगभग 90 मिनट, जिसमें कोई नया काम शुरू नहीं किया जाता। इसकी गणना आपके अपने शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त से होती है, इसलिए हर शहर और हर मौसम में इसका समय अलग होता है।
अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
दोपहर 3 बजे एग्रीमेंट पर दस्तख़त होने हैं। तभी घर के किसी बड़े का संदेश आता है: "अभी नहीं, राहु काल है।"
अपने शहर का सही समय जान लें, तो दस्तख़त उसी दोपहर हो जाते हैं।
राहु काल क्या है?
राहु काल (राहुकालम्) दिन का वह भाग है जिस पर राहु का अधिकार है: दिन के उजाले के आठ बराबर भागों में से एक, जिसमें नई शुरुआत नहीं की जाती। परिवार दस्तख़त, ख़रीदारी, यात्रा या नए काम से पहले इसे देखते हैं।
राहु चंद्रमा का उत्तरी पात है, एक छाया ग्रह। दिन का जो भाग राहु का है, वह पहले से चल रहे कामों के लिए रखा जाता है।
राहु काल की गणना कैसे होती है?
राहु काल निकालने के लिए सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और उस वार के लिए तय भाग लिया जाता है। तीन कदम:
- आज का सूर्योदय और सूर्यास्त अपने शहर के लिए देखें।
- दिन के उजाले को 8 से भाग दें। हर भाग लगभग 90 मिनट का होता है: गर्मी में लंबा, सर्दी में छोटा।
- आज के वार का भाग नीचे दी गई तालिका से लें।
एक उदाहरण। मुंबई में बुधवार 21 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय सुबह 6:38 बजे और सूर्यास्त शाम 6:07 बजे है। यानी 11 घंटे 29 मिनट का दिन, और हर भाग 86 मिनट का।
बुधवार को 5वाँ भाग लिया जाता है। उस दिन मुंबई का राहु काल दोपहर 12:23 से 1:49 बजे तक है।
वार के अनुसार राहु काल
| वार | दिन का भाग (सूर्योदय से) | समय, अगर सूर्योदय 6 बजे और सूर्यास्त 6 बजे हो |
|---|---|---|
| सोमवार | दूसरा | सुबह 7:30 से 9:00 |
| मंगलवार | सातवाँ | दोपहर 3:00 से 4:30 |
| बुधवार | पाँचवाँ | दोपहर 12:00 से 1:30 |
| गुरुवार | छठा | दोपहर 1:30 से 3:00 |
| शुक्रवार | चौथा | सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 |
| शनिवार | तीसरा | सुबह 9:00 से 10:30 |
| रविवार | आठवाँ | शाम 4:30 से 6:00 |
घड़ी का यह समय सिर्फ़ अंदाज़े के लिए है। आपके शहर का सूर्योदय और सूर्यास्त इसे हर दिन बदलता है।
मेरे शहर में राहु काल का समय अलग क्यों है?
हर शहर का सूर्योदय और सूर्यास्त अलग होता है, इसलिए हर शहर में राहु काल घड़ी के अलग समय पर आता है। दिन का भाग वही रहता है; घड़ी का समय बदल जाता है।
उसी बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 5:28 बजे है, मुंबई से 70 मिनट पहले। गुवाहाटी का राहु काल सुबह 11:07 से दोपहर 12:32 बजे तक है, जबकि मुंबई का 12:23 बजे शुरू होता है।
इसलिए दूसरे शहर से उठाया गया राहु काल एक अलग समय होता है। अमेरिका, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या खाड़ी देशों में रहने वाले परिवारों को अपने शहर का समय चाहिए: दुबई, लंदन या न्यूयॉर्क का आज का पंचांग देखें।
राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
राहु काल में कोई नया और बड़ा काम शुरू न करें। इन्हें दिन के किसी और समय के लिए रखें:
- दस्तख़त: एग्रीमेंट और प्रॉपर्टी के कागज़
- यात्रा की शुरुआत
- बड़ी ख़रीदारी: घर, वाहन, सोना
- उद्घाटन और संस्कार: दुकान, गृह प्रवेश, सगाई
राहु काल में क्या कर सकते हैं?
राहु काल से पहले शुरू हुआ हर काम आप इस दौरान जारी रख सकते हैं, और रोज़ के काम भी कर सकते हैं। नियम नए काम की शुरुआत पर लागू होता है।
- पहले से चल रहा काम
- रोज़ के काम, भोजन और दफ़्तर आना-जाना
- पूजा और जप
- कोई भी ज़रूरी काम: तुरंत करें
क्या राहु काल में यात्रा कर सकते हैं?
राहु काल में किसी ज़रूरी यात्रा पर न निकलें; पहले शुरू हुई यात्रा इस दौरान जारी रह सकती है। राहु काल शुरू होने से पहले निकलें, या खत्म होने के बाद।
दिशा भी मायने रखती है। हर वार की एक दिशा है जिसमें यात्रा शुरू नहीं की जाती: देखें दिशा शूल, हर दिन किस दिशा में न जाएँ।
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में क्या अंतर है?
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल एक ही आठ भागों वाले दिन के तीन अलग भाग हैं, और तीनों में नया काम शुरू नहीं किया जाता। तीनों की गणना एक ही तरीके से, सूर्योदय और सूर्यास्त से होती है, और तीनों वार से तय होते हैं।
| वार | राहु काल | यमगंड | गुलिक काल |
|---|---|---|---|
| रविवार | 8वाँ | 5वाँ | 7वाँ |
| सोमवार | 2रा | 4था | 6ठा |
| मंगलवार | 7वाँ | 3रा | 5वाँ |
| बुधवार | 5वाँ | 2रा | 4था |
| गुरुवार | 6ठा | 1ला | 3रा |
| शुक्रवार | 4था | 7वाँ | 2रा |
| शनिवार | 3रा | 6ठा | 1ला |
- यमगंड यमराज का भाग है: इसमें नया काम शुरू न करें।
- गुलिक काल शनि के पुत्र गुलिक का भाग है: इसमें नया काम शुरू न करें; यह पूजा-पाठ के लिए अनुकूल है।
राहु काल या शुभ मुहूर्त: ज़्यादा ज़रूरी क्या है?
राहु काल से बचना दिन के एक कमज़ोर हिस्से को टालता है; शुभ मुहूर्त आपके अवसर के लिए सबसे बलवान समय ढूँढता है। दोनों दो अलग सवालों के जवाब हैं।
एक ही बुधवार को सुबह 11 बजे गृह प्रवेश का बलवान मुहूर्त हो सकता है और दोपहर 12:23 बजे राहु काल। एक समय में प्रवेश करना है, दूसरे को टालना है।
जीवन के बड़े पलों के लिए सिर्फ़ खाली समय नहीं, मुहूर्त खोजें। शादी, नया घर या नया कारोबार उस समय का हक़दार है जो उसी अवसर और आपके परिवार के लिए चुना गया हो।
राहु काल कहाँ सबसे ज़्यादा माना जाता है?
राहु काल का पालन सबसे बारीकी से दक्षिण भारत में होता है, जहाँ तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के परिवार इसे रोज़ देखते हैं, यमगंड और गुलिक काल के साथ।
उत्तर भारत में परिवार हर दस्तख़त, ख़रीदारी और संस्कार से पहले राहु काल देखते हैं। गणना हर जगह एक है: सूर्योदय, सूर्यास्त, आठ भाग, वार का एक भाग।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मेरे शहर में आज राहु काल कब है?
आज का राहु काल आपके शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर है, इसलिए हर शहर में अलग होता है। Tarini का मुफ़्त दैनिक पंचांग भारत और विदेश के 113 शहरों का आज का राहु काल देता है।
राहु काल कितने समय का होता है?
राहु काल दिन के उजाले का आठवाँ भाग होता है, लगभग 90 मिनट। गर्मियों में यह लंबा और सर्दियों में छोटा होता है: मुंबई में 21 अक्टूबर 2026 को यह 86 मिनट का है।
राहु काल की गणना कैसे करें?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटें और वार का तय भाग लें: सोमवार को दूसरा, मंगलवार को सातवाँ, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, शुक्रवार को चौथा, शनिवार को तीसरा और रविवार को आठवाँ।
राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
राहु काल में कोई नया और बड़ा काम शुरू न करें: एग्रीमेंट पर दस्तख़त, यात्रा की शुरुआत, बड़ी ख़रीदारी, दुकान का उद्घाटन, गृह प्रवेश या सगाई।
क्या राहु काल में यात्रा कर सकते हैं?
राहु काल में किसी ज़रूरी यात्रा पर न निकलें; इसके शुरू होने से पहले या खत्म होने के बाद निकलें। पहले से चल रही यात्रा जारी रह सकती है।
क्या रात में भी राहु काल होता है?
राहु काल दिन में, सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच गिना जाता है। पंचांग हर दिन का एक राहु काल बताता है।
क्या अमेरिका, यूके या दुबई में भी राहु काल लगता है?
हाँ, आप जहाँ भी हों, राहु काल लगता है, और उसकी गणना आपके अपने शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त से, वहाँ की स्थानीय तारीख पर होती है। Tarini का दैनिक पंचांग अमेरिका, यूके, कनाडा, यूरोप, खाड़ी देशों और एशिया-प्रशांत के शहरों का समय देता है।
क्या राहु काल से पहले शुरू हुआ काम इस दौरान जारी रख सकते हैं?
हाँ, राहु काल से पहले शुरू हुआ काम इस दौरान जारी रह सकता है। नियम नए काम की शुरुआत पर लागू होता है।
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