अन्नप्राशन मुहूर्त 2026

2026 में बच्चे के अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ दिन, महीने के अनुसार।

अक्टूबर से दिसंबर 2026 में दिल्ली में बच्चे के अन्नप्राशन संस्कार के लिए 16 शुभ दिन हैं: 12 अत्यंत शुभ और 4 शुभ। जब कोई बेहतर दिन न बने, तो 1 और दिन उपयोग किए जा सकते हैं। दिल्ली में सबसे ज़्यादा शुभ दिन इन महीनों में हैं: नवंबर (9 दिन), दिसंबर (4 दिन) और अक्टूबर (3 दिन)। हर महीने में कम से कम एक शुभ दिन है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 का पहला शुभ दिन गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 है।

पंचांग से 2026 में अन्नप्राशन की सामान्य शुभ तिथियां। नीचे की तिथियां दिल्ली की हैं: अपने शहर की तिथियां देखने के लिए अपना शहर चुनें।

अपडेट: 11 अक्टूबर 2026। दिल्ली के लिए लाहिरी अयनांश और शास्त्रीय ग्रंथों के नियमों से निकाला गया। किसी भी तिथि को खोलकर सुझाव के पीछे का श्लोक देखें।

2026 में अन्नप्राशन मुहूर्त की तिथियां, महीने के अनुसार

अत्यंत शुभशुभसामान्यअशुभ

अक्टूबर 2026

3 अच्छे दिन · सबसे अच्छा गुरु 15 को

र
सो
मं
बु
गु
शु
श

दिल्ली में अन्नप्राशन की तिथियां

शुभ दिन उनके नक्षत्र और तिथि के साथ दिए गए हैं। हर महीने के बाद टालने वाले दिन कारण सहित दिए गए हैं। ये तिथियां दिल्ली के हर परिवार के लिए एक जैसी हैं।

अक्टूबर 2026: 3 शुभ दिन

दिनांकस्थितिनक्षत्र · तिथि
गुरु 15 अक्टू॰शुभज्येष्ठा · शुक्ल पंचमी
बुध 28 अक्टू॰उपयोगीरोहिणी · कृष्ण तृतीया
गुरु 29 अक्टू॰सुझाया गयामृगशिरा · कृष्ण पंचमी
शुक्र 30 अक्टू॰सुझाया गयामृगशिरा · कृष्ण पंचमी

अक्टूबर में टालने वाले दिन: 1 (पितृ पक्ष) · 2 (व्यतीपात) · 3–8 (पितृ पक्ष) · 9 (विष्टि) · 10 (अमावस्या) · 11 (वैधृति) · 12 (यमघंट योग) · 13 (मंगलवार) · 14 (अनुराधा) · 16 (दग्ध योग) · 17 (नक्षत्र तिथि दोष) · 18 (संवर्तक योग) · 19 (शुक्ल अष्टमी) · 20–22 (शुक्र अस्त) · 23 (शून्य नक्षत्र) · 24 (शुक्र अस्त) · 25 (दग्ध योग) · 26–27 (शुक्र अस्त) · 31 (कृष्ण षष्ठी)

ये तिथियां हमने कैसे चुनीं

  • पंचांग (Panchang): The day itself: its tithi, vara, nakshatra, panchang yoga and karana, and the named yogas those form together.
  • मास (Masa): The lunar month the moment falls in.

कुछ दिन शुभ क्यों नहीं हैं

2026 में दिल्ली में अन्नप्राशन के लिए सबसे ज़्यादा दिन इन कारणों से टलते हैं:

  • धनुर्मास: 11 दिन
  • पितृ पक्ष: 7 दिन
  • विष्टि: 6 दिन
  • शुक्र अस्त: 6 दिन
  • दग्ध योग: 4 दिन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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