मुंडन मुहूर्त 2026

2026 में बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए शुभ दिन, महीने के अनुसार।

अक्टूबर से दिसंबर 2026 में दिल्ली में बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए 30 शुभ दिन हैं: 30 अत्यंत शुभ और 0 शुभ। जब कोई बेहतर दिन न बने, तो 0 और दिन उपयोग किए जा सकते हैं। दिल्ली में सबसे ज़्यादा शुभ दिन इन महीनों में हैं: नवंबर (17 दिन), दिसंबर (8 दिन) और अक्टूबर (5 दिन)। हर महीने में कम से कम एक शुभ दिन है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 का पहला शुभ दिन सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 है।

पंचांग से 2026 में मुंडन की सामान्य शुभ तिथियां। नीचे की तिथियां दिल्ली की हैं: अपने शहर की तिथियां देखने के लिए अपना शहर चुनें।

अपडेट: 11 अक्टूबर 2026। दिल्ली के लिए लाहिरी अयनांश और शास्त्रीय ग्रंथों के नियमों से निकाला गया। किसी भी तिथि को खोलकर सुझाव के पीछे का श्लोक देखें।

2026 में मुंडन मुहूर्त की तिथियां, महीने के अनुसार

अत्यंत शुभअशुभ

अक्टूबर 2026

5 अच्छे दिन · सबसे अच्छा सोम 12 को

र
सो
मं
बु
गु
शु
श

दिल्ली में मुंडन की तिथियां

शुभ दिन उनके नक्षत्र और तिथि के साथ दिए गए हैं। हर महीने के बाद टालने वाले दिन कारण सहित दिए गए हैं। ये तिथियां दिल्ली के हर परिवार के लिए एक जैसी हैं।

अक्टूबर 2026: 5 शुभ दिन

दिनांकस्थितिनक्षत्र · तिथि
सोम 12 अक्टू॰सुझाया गयास्वाती · शुक्ल द्वितीया
गुरु 15 अक्टू॰सुझाया गयाज्येष्ठा · शुक्ल पंचमी
शनि 17 अक्टू॰सुझाया गयामूल · शुक्ल सप्तमी
गुरु 29 अक्टू॰सुझाया गयामृगशिरा · कृष्ण पंचमी
शुक्र 30 अक्टू॰सुझाया गयाआर्द्रा · कृष्ण पंचमी

अक्टूबर में टालने वाले दिन: 1 (पितृ पक्ष) · 2 (मृत्यु योग) · 3–8 (पितृ पक्ष) · 9 (दग्ध योग) · 10 (अमावस्या) · 11 (वैधृति) · 13 (मंगलवार) · 14 (शुक्ल चतुर्थी) · 16 (शुक्ल षष्ठी) · 18 (संवर्तक योग) · 19 (मृत्यु योग) · 20 (शुक्र अस्त) · 21 (उत्पात योग) · 22–24 (शुक्र अस्त) · 25 (दग्ध योग) · 26–27 (शुक्र अस्त) · 28 (व्यतीपात) · 31 (कृष्ण षष्ठी)

ये तिथियां हमने कैसे चुनीं

  • पंचांग (Panchang): The day itself: its tithi, vara, nakshatra, panchang yoga and karana, and the named yogas those form together.
  • मास (Masa): The lunar month the moment falls in.

कुछ दिन शुभ क्यों नहीं हैं

2026 में दिल्ली में मुंडन के लिए सबसे ज़्यादा दिन इन कारणों से टलते हैं:

  • धनुर्मास: 11 दिन
  • पितृ पक्ष: 7 दिन
  • शुक्र अस्त: 6 दिन
  • विष्टि: 3 दिन
  • वैधृति: 3 दिन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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