गर्भाधान मुहूर्त: गर्भाधान संस्कार
तीन महीनों में शिशु के गर्भाधान की सबसे शुभ तिथियाँ, उसी तरह निकाली गईं जैसे कभी राज ज्योतिषी राजपरिवारों के लिए निकालते थे।
गर्भाधान सोलह संस्कारों में पहला संस्कार है: शिशु का गर्भ में आना। परंपरा में राज ज्योतिषी इसका मुहूर्त निकालते थे, ताकि एक आत्मा का आगमन शांत और सोचे-समझे समय पर हो। सदियों तक यह मुहूर्त केवल राजपरिवारों और अत्यंत धनी परिवारों को ही मिलता था। तारिणी ने राज ज्योतिषियों की गणना की विधि का अध्ययन किया है और अब इसे आप तक ला रही है।
आपको क्या मिलेगा
तीन महीनों में शिशु के गर्भाधान की सबसे शुभ तिथियाँ, माँ के अनुसार व्यक्तिगत रूप से निकाली गईं। आप शुभ तिथियों और अपनी फर्टिलिटी विंडो को देखकर गर्भधारण की योजना बना सकते हैं।
हमें क्या चाहिए
माँ की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, और आपका शहर।
गर्भाधान वह संस्कार है जिससे परिवार की शुरुआत होती है। यह जीवन के सोलह संस्कारों में पहला है, और राज ज्योतिषी इसे सबसे अधिक सावधानी से देखते थे। तीन महीनों की तिथियाँ आपको वे दिन चुनने का अवसर देती हैं जो आपकी फर्टिलिटी विंडो में पड़ते हैं, और ये आपके अपने शहर के लिए निकाली जाती हैं।
ग्राहकों के अनुभव
शादी यहीं हुई और कोच्चि वाली सासु माँ चाहती थीं कि संस्कार वैसे ही हो जैसे घर पर होता है, और छह हजार किलोमीटर दूर से इसका मतलब अक्सर या तो अधूरा होता है या बिल्कुल नहीं। तीन महीने के मुहूर्त सिंगापुर के समय में आए। तो रात दो बजे किसी को हिसाब नहीं लगाना पड़ा, और उन्होंने एक भी तारीख पर एतराज नहीं किया।