उपनयन संस्कार: जनेऊ संस्कार
आपका बच्चा जनेऊ के लिए तैयार है। दिन को भी वही ध्यान दीजिए जो परिवार इस संस्कार को देता है।
जनेऊ संस्कार माता-पिता और दादा-दादी के लिए गर्व का दिन है। आप चाहते हैं कि बच्चा अच्छे से पढ़े, पढ़ाई में मन लगाए और अनुशासन भरी, अच्छी ज़िंदगी जिए। और आप वह परंपरा आगे बढ़ा रहे हैं जो परिवार पीढ़ियों से निभाता आया है।
मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ इस संस्कार का समय बहुत ध्यान से तय करते हैं, और साल में कुछ ही दिन इसके लायक होते हैं। अच्छा दिन बच्चे की पढ़ाई की सही शुरुआत करता है। हम ये नियम उस शहर के लिए पढ़ते हैं जहाँ संस्कार होगा।
आपको क्या मिलेगा
आपकी तारीखों के अंदर, आपके शहर के लिए उपनयन के शुभ मुहूर्त। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ।
हमें क्या चाहिए
बच्चे की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, आपका शहर, और वे तारीखें जिनमें परिवार संस्कार कर सकता है।
उपनयन, या जनेऊ, वह संस्कार है जिसमें बच्चे को यज्ञोपवीत मिलता है और उसकी विधिवत पढ़ाई शुरू होती है। शास्त्रीय ग्रंथ इसे कुछ ही महीनों और दिनों में करने देते हैं। मुहूर्त आपकी तारीखों में वे गिने-चुने समय ढूँढता है जो ठीक बैठते हैं।
ग्राहकों के अनुभव
बेटे के उपनयन के लिए दिए गए तीन संदर्भ मैंने मुहूर्त चिंतामणि की अपनी प्रति से मिलाए। सब सही थे, अध्याय तक। किसी वेबसाइट से मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी।