16 संस्कार

जीवन के सोलह पवित्र संस्कार, गर्भाधान से विवाह तक।

गर्भाधान मुहूर्त: गर्भाधान संस्कार
गर्भाधान सोलह संस्कारों में पहला संस्कार है: शिशु का गर्भ में आना। परंपरा में राज ज्योतिषी इसका मुहूर्त निकालते थे, ताकि एक आत्मा का आगमन शांत और सोचे-समझे समय पर हो। सदियों तक यह मुहूर्त केवल राजपरिवारों और अत्यंत धनी परिवारों को ही मिलता था। तारिणी ने राज ज्योतिषियों की गणना की विधि का अध्ययन किया है और अब इसे आप तक ला रही है। आपको क्या मिलेगा: तीन महीनों में शिशु के गर्भाधान की सबसे शुभ तिथियाँ, माँ के अनुसार व्यक्तिगत रूप से निकाली गईं। आप शुभ तिथियों और अपनी फर्टिलिटी विंडो को देखकर गर्भधारण की योजना बना सकते हैं। हमें क्या चाहिए: माँ की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, और आपका शहर।
तीसरे महीने का गर्भ आशीर्वाद: पुंसवन संस्कार
आप चाहते हैं कि बच्चा और माँ दोनों सुरक्षित रहें, और परिवार की परंपरा भी निभे। यह उस बच्चे की देखभाल है जिससे आप अभी मिले नहीं हैं। मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ यह आशीर्वाद दूसरे या तीसरे महीने में रखते हैं, और उसके अंदर अच्छा दिन और समय माँगते हैं। यह महीना दोबारा नहीं आता, इसलिए चुनाव मायने रखता है। हम ये नियम आपके शहर के लिए पढ़ते हैं, ताकि दिन आपके आसमान और आपकी घड़ी से मेल खाए। आपको क्या मिलेगा: आपके दूसरे या तीसरे महीने के अच्छे मुहूर्त, आपके शहर के लिए, आपकी अपनी घड़ी में, क्रम से। टालने वाले दिन, हर एक की वजह के साथ। हर मुहूर्त के पीछे का श्लोक। हमें क्या चाहिए: माँ की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, आपका शहर, और आपके तीसरे महीने की तारीखें।
गोद भराई: सीमंतोन्नयन संस्कार
गोद भराई में परिवार होने वाली माँ को प्यार से घेर लेता है। चूड़ियाँ, मिठाई और आशीर्वाद होते हैं। आप चाहते हैं कि डिलीवरी सुरक्षित हो और माँ शांत और खुश रहे। मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ इस संस्कार का समय इसी चाह के लिए तय करते हैं। हम आपको ऐसा दिन देते हैं जिसके पीछे वजह है, उस शहर के लिए जहाँ गोद भराई होगी। आपको क्या मिलेगा: आपकी तारीखों के अंदर, आपके शहर के लिए गोद भराई के शुभ मुहूर्त। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ। हमें क्या चाहिए: माँ की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, आपका शहर, और वे तारीखें जिन पर आप सोच रहे हैं।
नवजात शिशु: जातकर्म संस्कार
बच्चा आ गया है, और घर खुशी और शुक्रिया से भरा है। आप बच्चे को अच्छी सेहत और लंबी उम्र का आशीर्वाद देना चाहते हैं। और क्योंकि यह उसके जीवन का पहला संस्कार है, आप चाहते हैं कि यह ठीक से हो। मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ जातकर्म को जन्म के तुरंत बाद रखते हैं, और अगर उसी समय न हो सके तो थोड़ा समय देते हैं। उस समय के अंदर भी दिन और घड़ी मायने रखते हैं। हम ये नियम उस शहर के लिए पढ़ते हैं जहाँ संस्कार होगा। आपको क्या मिलेगा: ग्रंथों के दिए समय के अंदर, आपके शहर के लिए जातकर्म के शुभ मुहूर्त। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ। हमें क्या चाहिए: बच्चे की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, और आपका शहर।

नामकरण संस्कार: बच्चे का नाम रखने की रस्म
नाम बच्चे का पहला तोहफ़ा है। आप चाहते हैं कि वह सौभाग्य लाए और बच्चे को साफ़ पहचान दे। मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ नामकरण के लिए अलग दिन और समय बताते हैं। हम ये नियम उस शहर के लिए पढ़ते हैं जहाँ नामकरण होगा। आपको क्या मिलेगा: आपके शहर के लिए नामकरण के शुभ मुहूर्त। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ। हमें क्या चाहिए: बच्चे की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, और आपका शहर।
बच्चे की पहली बाहर की सैर: निष्क्रमण संस्कार
बच्चे का पहली बार बाहर जाना खुशी का पड़ाव है। इससे माता-पिता थोड़े फ़िक्रमंद भी होते हैं। आप चाहते हैं कि बच्चा सुरक्षित रूप से दुनिया से मिले, सूरज के आशीर्वाद के साथ। मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ इस पहली सैर का समय तय करते हैं, अक्सर सूरज दिखाने या मंदिर जाने के लिए। वे अच्छे दिन पर दिन के उजाले का समय माँगते हैं। हम ये नियम आपके शहर के लिए पढ़ते हैं, ताकि सूर्योदय और समय आपके अपने हों। आपको क्या मिलेगा: दिन के उजाले में, आपके शहर के लिए पहली सैर के शुभ मुहूर्त। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ। हमें क्या चाहिए: बच्चे की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, और आपका शहर।

अन्नप्राशन संस्कार: बच्चे का पहला अन्न
पके हुए अन्न का पहला स्वाद खुशी का पड़ाव है। परिवार बच्चे को अच्छी सेहत, अच्छा हाज़मा और ऐसी ज़िंदगी की दुआ देता है जिसमें कभी अन्न की कमी न हो। दादा-दादी चाहते हैं कि यह ठीक से हो। मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ इस पहले भोजन के लिए अलग महीना और समय बताते हैं। वे अच्छा दिन और दिन के उजाले का समय माँगते हैं। हम ये नियम उस शहर के लिए पढ़ते हैं जहाँ अन्नप्राशन होगा। आपको क्या मिलेगा: आपके शहर के लिए अन्नप्राशन के शुभ मुहूर्त। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ। हमें क्या चाहिए: बच्चे की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, और आपका शहर।
मुंडन संस्कार: बच्चे के पहले बाल
मुंडन पारिवारिक परंपरा है, अक्सर कुल-देवता के मंदिर में। आप चाहते हैं कि बच्चा सेहतमंद और मज़बूत बड़ा हो। परंपरा यह भी मानती है कि पहले बालों में पिछले जन्मों की अशुद्धि होती है, और मुंडन उसे दूर करता है। मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ साफ़ बताते हैं कि पहले बाल उतारने के लिए कौन से दिन ठीक हैं। अच्छा दिन तय हो तो पूरा परिवार उसके हिसाब से योजना बना सकता है। हम ये नियम उस शहर के लिए पढ़ते हैं जहाँ मुंडन होगा, ताकि भारत के मंदिर का संस्कार उसी शहर के समय से हो। आपको क्या मिलेगा: संस्कार वाले शहर के लिए मुंडन के शुभ मुहूर्त। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ। हमें क्या चाहिए: बच्चे की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, और वह शहर जहाँ मुंडन होगा (जहाँ आप रहते हैं वह नहीं)।
कान छिदवाना: कर्णवेध संस्कार
कर्णवेध सोलह संस्कारों में से एक है, सिर्फ़ कान छिदवाना नहीं। आप चाहते हैं कि यह अच्छे से हो: बच्चा शांत रहे, घाव साफ़ भरे, और संस्कार वैसे ही निभे जैसे आपका परिवार निभाता आया है। सुश्रुत ने कान छेदने के लिए शुक्ल पक्ष का चुना हुआ दिन रखा, जब बच्चे को गोद में लेकर बहलाया जाए। यह संस्कार बच्चे की रक्षा करता है और कान को पवित्र ध्वनि के लिए खोलता है। मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ दिन और समय तय करते हैं। हम उन्हें उस शहर के लिए पढ़ते हैं जहाँ कान छिदेंगे। आपको क्या मिलेगा: दिन के उजाले में, आपके शहर के लिए कर्णवेध के शुभ मुहूर्त। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ। हमें क्या चाहिए: बच्चे की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, और आपका शहर।
उपनयन संस्कार: जनेऊ संस्कार
जनेऊ संस्कार माता-पिता और दादा-दादी के लिए गर्व का दिन है। आप चाहते हैं कि बच्चा अच्छे से पढ़े, पढ़ाई में मन लगाए और अनुशासन भरी, अच्छी ज़िंदगी जिए। और आप वह परंपरा आगे बढ़ा रहे हैं जो परिवार पीढ़ियों से निभाता आया है। मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ इस संस्कार का समय बहुत ध्यान से तय करते हैं, और साल में कुछ ही दिन इसके लायक होते हैं। अच्छा दिन बच्चे की पढ़ाई की सही शुरुआत करता है। हम ये नियम उस शहर के लिए पढ़ते हैं जहाँ संस्कार होगा। आपको क्या मिलेगा: आपकी तारीखों के अंदर, आपके शहर के लिए उपनयन के शुभ मुहूर्त। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ। हमें क्या चाहिए: बच्चे की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, आपका शहर, और वे तारीखें जिनमें परिवार संस्कार कर सकता है।

विवाह मुहूर्त: शादी का शुभ दिन
आप अपने बच्चे के लिए खुशहाल, लंबा चलने वाला रिश्ता चाहते हैं, और जोड़े और दोनों परिवारों में मेल। माता-पिता अपने बच्चों के लिए सही करना चाहते हैं। मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ विवाह को हर संस्कार से ज़्यादा सख़्त नियमों में रखते हैं। दिन दुल्हन और दूल्हे, दोनों के लिए अलग-अलग ठीक होना चाहिए। हम दोनों को उस शहर के आसमान के हिसाब से पढ़ते हैं जहाँ फेरे होंगे। आपको क्या मिलेगा: फेरों वाले शहर के लिए विवाह के शुभ मुहूर्त। हर मुहूर्त दुल्हन और दूल्हे दोनों के लिए जाँचा हुआ। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ। हमें क्या चाहिए: दुल्हन और दूल्हे, दोनों की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, और फेरों का शहर।