16 संस्कार

नामकरण संस्कार: बच्चे का नाम रखने की रस्म

नाम तय है। अब वह दिन चुनिए जब पूरा परिवार उसे पहली बार सुनेगा।

नाम बच्चे का पहला तोहफ़ा है। आप चाहते हैं कि वह सौभाग्य लाए और बच्चे को साफ़ पहचान दे।

मुहूर्त शास्त्र के शास्त्रीय ग्रंथ नामकरण के लिए अलग दिन और समय बताते हैं। हम ये नियम उस शहर के लिए पढ़ते हैं जहाँ नामकरण होगा।

आपको क्या मिलेगा

आपके शहर के लिए नामकरण के शुभ मुहूर्त। सबसे शुभ 3 मुहूर्त अलग से दिखाए गए। टालने वाले दिन, उनकी वजह के साथ। और हर सुझाव के पीछे शास्त्रीय ग्रंथ का संदर्भ।

हमें क्या चाहिए

बच्चे की जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान, और आपका शहर।

नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार बोला जाता है। ज़्यादातर परिवार इसे जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन के आसपास करते हैं। मुहूर्त नामकरण के लिए दिन और समय चुनता है।

ग्राहकों के अनुभव

सास नामकरण पर भी अपना पंचांग ले आईं, जैसे हर बात में लाती हैं। हुआ ग्यारहवें दिन, मेरे चुने हुए समय पर, उस रिपोर्ट से जिसमें हर मुहूर्त के आगे कारण छपा था। उसके बाद वो किसी बात में पंचांग लेकर नहीं आईं।
Pooja Sharma, Jaipur

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल