कल का पंचांग — टोक्यो

सभी समय टोक्यो के स्थानीय समय में हैं।

एक नज़र में

पंचांग

तिथि
प्रतिपदा
5:30 PM तक, फिर द्वितीया
नक्षत्र
विशाखा
12:49 PM तक, फिर अनुराधा
वार
मंगलवार
6:12 AM, 11 नव॰ तक
योग
सौभाग्य
6:27 AM तक, फिर शोभन
करण
बव
5:30 PM तक, फिर बालव

कल किन कामों के लिए शुभ है

शुभटालेंस्रोतों में मतभेद

कल के व्रत और त्योहार

शुभ और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त
    4:24 AM – 5:18 AM, 11 नव॰
    सूर्योदय से पहले का शुभ समय
  • अभिजीत मुहूर्त
    11:04 AM – 11:45 AM
    मध्याह्न का शुभ समय
  • विजय मुहूर्त
    1:09 PM – 1:51 PM
    होरा पर आधारित शुभ समय
  • गोधूलि मुहूर्त
    4:17 PM – 5:05 PM
    संध्या का गोधूलि समय

अशुभ समय

  • राहु काल
    2:01 PM – 3:20 PM
    नए कार्य के आरंभ के लिए अशुभ
  • गुलिक काल
    11:25 AM – 12:43 PM
    नए कार्य के लिए अशुभ, आध्यात्मिक साधना के लिए शुभ
  • यमगंड काल
    8:48 AM – 10:06 AM
    अत्यंत अशुभ समय
  • दुर्मुहूर्त
    8:17 AM – 8:58 AM
    10:22 AM – 11:04 AM
    अशुभ समय

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय
6:11 AM
सूर्यास्त
4:38 PM
चंद्रोदय
7:07 AM
चंद्रास्त
4:45 PM

हिंदू मास

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक

पंचांग

तिथि

प्रतिपदा6:11 AM – 5:30 PM
द्वितीया5:30 PM – 7:24 PM, 11 नव॰

नक्षत्र

विशाखा6:11 AM – 12:49 PM
अनुराधा12:49 PM – 3:08 PM, 11 नव॰

योग

सौभाग्य6:11 AM – 6:27 AM
शोभन6:27 AM – 6:40 AM, 11 नव॰

वार

मंगलवार6:11 AM – 6:12 AM, 11 नव॰

करण

बव6:11 AM – 5:30 PM
बालव5:30 PM – 6:24 AM, 11 नव॰

चौघड़िया

दिन और रात, दोनों आठ-आठ चौघड़ियों में बँटे होते हैं। अमृत, शुभ और लाभ नए काम के लिए अच्छे हैं, चर यात्रा के लिए ठीक है, और रोग, काल और उद्वेग से बचना चाहिए।

दिन का चौघड़िया (सूर्योदय से सूर्यास्त)

चौघड़ियासमयफल
रोग6:11 AM – 7:30 AMअशुभ
लाभ7:30 AM – 8:48 AMशुभ
शुभ8:48 AM – 10:06 AMशुभ
चर10:06 AM – 11:25 AMसामान्य
काल11:25 AM – 12:43 PMअशुभ
उद्वेग12:43 PM – 2:01 PMअशुभ
अमृत2:01 PM – 3:20 PMशुभ
रोग3:20 PM – 4:38 PMअशुभ

रात का चौघड़िया (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

चौघड़ियासमयफल
काल4:38 PM – 6:20 PMअशुभ
उद्वेग6:20 PM – 8:01 PMअशुभ
अमृत8:01 PM – 9:43 PMशुभ
रोग9:43 PM – 11:25 PMअशुभ
लाभ11:25 PM – 1:07 AMशुभ
शुभ1:07 AM – 2:49 AMशुभ
चर2:49 AM – 4:30 AMसामान्य
काल4:30 AM – 6:12 AMअशुभ
सिर्फ़ तारिणी पर

पंचांग शुभ है। क्या यह आपके लिए भाग्यशाली है?

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शुभ मुहूर्त तिथियां 2026 और 2027

विवाह, गृह प्रवेश या कोई संस्कार करना है? साल का हर शुभ दिन देखें, महीने के हिसाब से।

सभी शुभ मुहूर्त तिथियां

आने वाले व्रत और त्योहार

सभी त्योहार देखें
  • दीपावली: 6 नवंबर 2026 – 11 नवंबर 2026
  • चित्रगुप्त पूजा: 11 नवंबर 2026
  • छठ पूजा: 13 नवंबर 2026 – 16 नवंबर 2026
  • नागुल चविति: 13 नवंबर 2026
  • लाभ पंचमी: 14 नवंबर 2026
  • सूरसंहारम्: 15 नवंबर 2026
  • जलाराम जयंती: 16 नवंबर 2026
  • गोपाष्टमी: 17 नवंबर 2026
  • अक्षय नवमी: 18 नवंबर 2026
  • जगद्धात्री पूजा: 18 नवंबर 2026
  • देवउठनी एकादशी: 20 नवंबर 2026
  • इगास बग्वाल: 20 नवंबर 2026

टोक्यो के पंचांग के बारे में

टोक्यो भारत से 3 घंटे 30 मिनट आगे है। तिथि स्थानीय सूर्योदय से गिनी जाती है, इसलिए यहाँ कोई व्रत या त्योहार भारत से अलग तारीख़ को पड़ सकता है। यह पेज टोक्यो के अपने सूर्योदय का उपयोग करता है, इसलिए यहाँ दिखाई गई तारीख़ टोक्यो के लिए सही है।

ये समय मध्य टोक्यो (35.68° उ, 139.65° पू) के लिए निकाले गए हैं। पूर्व या पश्चिम में हर 23 किमी पर ये लगभग एक मिनट बदल जाते हैं, इसलिए अगर आप शहर से दूर रहते हैं, तो ऊपर अपना शहर खोजें।

दूसरे शहरों का पंचांग

सभी शहरों का पंचांग

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए? क्या राहु काल में पूजा कर सकते हैं?

राहु काल हर दिन लगभग डेढ़ घंटे का समय है, जिसमें परंपरा से कोई नई शुरुआत नहीं की जाती: यात्रा पर निकलना, खरीदारी, नई नौकरी या व्यापार, कोई संस्कार। पहले से चल रहा काम और रोज़ की पूजा सामान्य रूप से चलती है।

ब्रह्म मुहूर्त क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त रात के अंतिम भाग में, सूर्योदय से पहले का लगभग 48 मिनट का समय है, जिसे ध्यान, प्रार्थना और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है: अमृत, शुभ या लाभ?

तीनों ही नया काम शुरू करने के लिए अच्छे हैं। अमृत हर काम के लिए अच्छा माना जाता है, शुभ संस्कार और पूजा के लिए, और लाभ व्यापार, खरीदारी और पढ़ाई के लिए। चर यात्रा के लिए ठीक है; रोग, काल और उद्वेग से बचना बेहतर है।

तिथि कितनी लंबी होती है और कब बदलती है?

तिथि एक चंद्र दिन है: चंद्रमा को सूर्य से 12° और आगे जाने में लगने वाला समय, इसलिए यह किसी भी समय शुरू और खत्म हो सकती है। दिन का नाम सूर्योदय के समय की तिथि से होता है, और पंचांग दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।

पंचांग के पांच अंग कौन-से हैं?

तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (जिस तारे में चंद्रमा है), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त स्थिति का माप), करण (आधी तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)।

अमांत और पूर्णिमांत महीनों में क्या अंतर है?

अमांत महीने अमावस्या पर खत्म होते हैं और ज़्यादातर दक्षिण और पश्चिम भारत में माने जाते हैं; पूर्णिमांत महीने पूर्णिमा पर खत्म होते हैं और ज़्यादातर उत्तर भारत में माने जाते हैं। कृष्ण पक्ष में पूर्णिमांत महीने का नाम एक महीना आगे चलता है।

अमेरिका, ब्रिटेन या किसी दूसरे शहर में तिथि अलग क्यों होती है?

तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, लेकिन हर जगह की घड़ी में वह क्षण अलग समय होता है, और हर जगह का सूर्योदय अलग होता है। इसलिए विदेश में तिथि किसी दूसरी तारीख को शुरू हो सकती है, और कोई व्रत या त्योहार भारत से एक दिन आगे-पीछे पड़ सकता है।