कल का पंचांग — फ़ीनिक्स

सभी समय फ़ीनिक्स के स्थानीय समय में हैं।

एक नज़र में

पंचांग

तिथि
चतुर्दशी
10:58 PM तक, फिर अमावस्या
नक्षत्र
चित्रा
5:23 PM तक, फिर स्वाती
वार
शनिवार
6:53 AM, 8 नव॰ तक
योग
प्रीति
2:58 PM तक, फिर आयुष्मान
करण
विष्टि
10:35 AM तक, फिर शकुनि

कल किन कामों के लिए शुभ है

शुभटालेंस्रोतों में मतभेद

कल के व्रत और त्योहार

शुभ और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त
    5:06 AM – 5:59 AM, 8 नव॰
    सूर्योदय से पहले का शुभ समय
  • अभिजीत मुहूर्त
    11:50 AM – 12:33 PM
    मध्याह्न का शुभ समय
  • विजय मुहूर्त
    1:58 PM – 2:40 PM
    होरा पर आधारित शुभ समय
  • गोधूलि मुहूर्त
    5:09 PM – 5:57 PM
    संध्या का गोधूलि समय

अशुभ समय

  • राहु काल
    9:32 AM – 10:51 AM
    नए कार्य के आरंभ के लिए अशुभ
  • गुलिक काल
    6:52 AM – 8:12 AM
    नए कार्य के लिए अशुभ, आध्यात्मिक साधना के लिए शुभ
  • यमगंड काल
    1:31 PM – 2:51 PM
    अत्यंत अशुभ समय
  • दुर्मुहूर्त
    6:52 AM – 7:35 AM
    7:35 AM – 8:17 AM
    अशुभ समय

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय
6:52 AM
सूर्यास्त
5:31 PM
चंद्रोदय
6:28 AM, 8 नव॰
चंद्रास्त
4:18 PM

हिंदू मास

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक

पंचांग

तिथि

चतुर्दशी6:52 AM – 10:58 PM
अमावस्या10:58 PM – 12:02 AM, 9 नव॰

नक्षत्र

चित्रा6:52 AM – 5:23 PM
स्वाती5:23 PM – 6:54 PM, 8 नव॰

योग

प्रीति6:52 AM – 2:58 PM
आयुष्मान2:58 PM – 2:33 PM, 8 नव॰

वार

शनिवार6:52 AM – 6:53 AM, 8 नव॰

करण

विष्टि6:52 AM – 10:35 AM
शकुनि10:35 AM – 10:58 PM
चतुष्पद10:58 PM – 11:27 AM, 8 नव॰

चौघड़िया

दिन और रात, दोनों आठ-आठ चौघड़ियों में बँटे होते हैं। अमृत, शुभ और लाभ नए काम के लिए अच्छे हैं, चर यात्रा के लिए ठीक है, और रोग, काल और उद्वेग से बचना चाहिए।

दिन का चौघड़िया (सूर्योदय से सूर्यास्त)

चौघड़ियासमयफल
काल6:52 AM – 8:12 AMअशुभ
उद्वेग8:12 AM – 9:32 AMअशुभ
अमृत9:32 AM – 10:51 AMशुभ
रोग10:51 AM – 12:11 PMअशुभ
लाभ12:11 PM – 1:31 PMशुभ
शुभ1:31 PM – 2:51 PMशुभ
चर2:51 PM – 4:11 PMसामान्य
काल4:11 PM – 5:31 PMअशुभ

रात का चौघड़िया (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

चौघड़ियासमयफल
लाभ5:31 PM – 7:11 PMशुभ
शुभ7:11 PM – 8:51 PMशुभ
चर8:51 PM – 10:31 PMसामान्य
काल10:31 PM – 12:12 AMअशुभ
उद्वेग12:12 AM – 1:52 AMअशुभ
अमृत1:52 AM – 3:32 AMशुभ
रोग3:32 AM – 5:13 AMअशुभ
लाभ5:13 AM – 6:53 AMशुभ
सिर्फ़ तारिणी पर

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शुभ मुहूर्त तिथियां 2026 और 2027

विवाह, गृह प्रवेश या कोई संस्कार करना है? साल का हर शुभ दिन देखें, महीने के हिसाब से।

सभी शुभ मुहूर्त तिथियां

आने वाले व्रत और त्योहार

सभी त्योहार देखें
  • काली पूजा: 8 नवंबर 2026
  • केदार गौरी व्रत: 8 नवंबर 2026
  • सोमवती अमावस्या: 9 नवंबर 2026
  • चित्रगुप्त पूजा: 11 नवंबर 2026
  • छठ पूजा: 13 नवंबर 2026 – 16 नवंबर 2026
  • नागुल चविति: 13 नवंबर 2026
  • लाभ पंचमी: 14 नवंबर 2026
  • सूरसंहारम्: 15 नवंबर 2026
  • जलाराम जयंती: 16 नवंबर 2026
  • गोपाष्टमी: 17 नवंबर 2026
  • अक्षय नवमी: 18 नवंबर 2026
  • जगद्धात्री पूजा: 18 नवंबर 2026

फ़ीनिक्स के पंचांग के बारे में

फ़ीनिक्स भारत से 12 घंटे 30 मिनट पीछे है। तिथि स्थानीय सूर्योदय से गिनी जाती है, इसलिए यहाँ कोई व्रत या त्योहार भारत से अलग तारीख़ को पड़ सकता है। यह पेज फ़ीनिक्स के अपने सूर्योदय का उपयोग करता है, इसलिए यहाँ दिखाई गई तारीख़ फ़ीनिक्स के लिए सही है।

ये समय मध्य फ़ीनिक्स (33.45° उ, 112.07° प) के लिए निकाले गए हैं। पूर्व या पश्चिम में हर 23 किमी पर ये लगभग एक मिनट बदल जाते हैं, इसलिए अगर आप शहर से दूर रहते हैं, तो ऊपर अपना शहर खोजें।

दूसरे शहरों का पंचांग

सभी शहरों का पंचांग

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए? क्या राहु काल में पूजा कर सकते हैं?

राहु काल हर दिन लगभग डेढ़ घंटे का समय है, जिसमें परंपरा से कोई नई शुरुआत नहीं की जाती: यात्रा पर निकलना, खरीदारी, नई नौकरी या व्यापार, कोई संस्कार। पहले से चल रहा काम और रोज़ की पूजा सामान्य रूप से चलती है।

ब्रह्म मुहूर्त क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त रात के अंतिम भाग में, सूर्योदय से पहले का लगभग 48 मिनट का समय है, जिसे ध्यान, प्रार्थना और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है: अमृत, शुभ या लाभ?

तीनों ही नया काम शुरू करने के लिए अच्छे हैं। अमृत हर काम के लिए अच्छा माना जाता है, शुभ संस्कार और पूजा के लिए, और लाभ व्यापार, खरीदारी और पढ़ाई के लिए। चर यात्रा के लिए ठीक है; रोग, काल और उद्वेग से बचना बेहतर है।

तिथि कितनी लंबी होती है और कब बदलती है?

तिथि एक चंद्र दिन है: चंद्रमा को सूर्य से 12° और आगे जाने में लगने वाला समय, इसलिए यह किसी भी समय शुरू और खत्म हो सकती है। दिन का नाम सूर्योदय के समय की तिथि से होता है, और पंचांग दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।

पंचांग के पांच अंग कौन-से हैं?

तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (जिस तारे में चंद्रमा है), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त स्थिति का माप), करण (आधी तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)।

अमांत और पूर्णिमांत महीनों में क्या अंतर है?

अमांत महीने अमावस्या पर खत्म होते हैं और ज़्यादातर दक्षिण और पश्चिम भारत में माने जाते हैं; पूर्णिमांत महीने पूर्णिमा पर खत्म होते हैं और ज़्यादातर उत्तर भारत में माने जाते हैं। कृष्ण पक्ष में पूर्णिमांत महीने का नाम एक महीना आगे चलता है।

अमेरिका, ब्रिटेन या किसी दूसरे शहर में तिथि अलग क्यों होती है?

तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, लेकिन हर जगह की घड़ी में वह क्षण अलग समय होता है, और हर जगह का सूर्योदय अलग होता है। इसलिए विदेश में तिथि किसी दूसरी तारीख को शुरू हो सकती है, और कोई व्रत या त्योहार भारत से एक दिन आगे-पीछे पड़ सकता है।